खोया सा मन है, खोयी सी धड़कन है
आँखों के अन्दर एक सपनों का दर्पण है
भीगी सी हलचल है मन के एक कोने में
कैसे मैं बतलाऊं कैसी ये उलझन है
सपने जो देखे हैं होंगे वो पूरे भी
विश्वास ऐसा अब दिल में हरपल है
मैंने न सोचा था दिन के उजियारों में
रातों की स्याही तो आँखों का काजल है
कल थे जो साथी वो जाने है अब कहाँ
मिलने को उनसे क्यों दिल मेरा बेकल है
कहना था बस यूँही रूठो न हमसे तुम
ज़िन्दगी है न जाने जीने के बस कुछ पल हैं
तुम बस चले आओ सूना है जीवन अब
तुमसे ही तो आबाद दिल की हर धड़कन है
आँखों के अन्दर एक सपनों का दर्पण है
भीगी सी हलचल है मन के एक कोने में
कैसे मैं बतलाऊं कैसी ये उलझन है
सपने जो देखे हैं होंगे वो पूरे भी
विश्वास ऐसा अब दिल में हरपल है
मैंने न सोचा था दिन के उजियारों में
रातों की स्याही तो आँखों का काजल है
कल थे जो साथी वो जाने है अब कहाँ
मिलने को उनसे क्यों दिल मेरा बेकल है
कहना था बस यूँही रूठो न हमसे तुम
ज़िन्दगी है न जाने जीने के बस कुछ पल हैं
तुम बस चले आओ सूना है जीवन अब
तुमसे ही तो आबाद दिल की हर धड़कन है
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