Friday, March 26, 2021

तुम्हारे लिये

कब मैने ऐसा सोचा था, तुम दिल बनकर आ जाओगे
इस छोटे से ही वक्त में तुम, यूँ धड़कन में छा जाओगे
मेरे ख्वाबों की नगरी में, अब साथ तुम्हारा रहता है
जब जि़क्र तुम्हारा करती हूँ, ये दिल धड़का ही करता है
कभी सोचती हूँ तुमसे कहूँ, पर सोच के ही डर जाती हूँ
तुम खो न जाओ सोच के ही, मैं पागल सी बन जाती हूँ
तुम साहिल हो इक मौज हूँ मैं, मैं नदिया हूँ तुम सागर हो
मैं बादल बन इठलाती हूँ, पर तुम तो मेरा आँचल हो
मैं कैसे कहूँ तुमसे ओ पिया, जो बात दबी है दिल में मेरे
ये बात कभी तुम सुन लेना, दिल कहता है कि तुम हो मेरे
कभी झांक के देखो दिल में मेरे, आवाज़ सुनाई देती है
ओ सजना तुम तो मेरे हो, हर रग ये दुहाई देती है
इक बात बताती हूँ तुमको, ये राज़ बहुत ही गहरा है
मैं प्यार तुम्हीं से करती हूँ, इस दिल पर तुम्हारा पहरा है
ये बात दबी थी जो दिल में, वो आज मैं तुमसे कहती हूँ
मैं प्यार तुम्ही से करती थी, मैं प्यार तुम्हीं से करती हूँ


Sunday, February 28, 2021

पी का रंग

मोहे रंग चढा़, पी का रंग चढा़
देखो रे देखो कैसा ये रंग चढा़

पी के रंग में ऐसे रंगी मैं, भीज गया मेरा तन मन
मैं बन बैठी बावरी रे, भूली रे देखन दरपन
मोहे रंग चढा़

सजना आए द्वारे मेरे, मैं बन बैठी जोगन
भूल गयी रे सब कुछ मैं तो, खो बैठी हूँ चितवन
मोहे रंग चढा़

पी से मिलन को मैं यूँ निकली, भीजी रे मेरी चुनरिया
लोक लाज का लोभ नहीं अब, पीछे छूटीं सखियाँ
मोहे रंग चढा़