इस छोटे से ही वक्त में तुम, यूँ धड़कन में छा जाओगे
मेरे ख्वाबों की नगरी में, अब साथ तुम्हारा रहता है
जब जि़क्र तुम्हारा करती हूँ, ये दिल धड़का ही करता है
कभी सोचती हूँ तुमसे कहूँ, पर सोच के ही डर जाती हूँ
तुम खो न जाओ सोच के ही, मैं पागल सी बन जाती हूँ
तुम साहिल हो इक मौज हूँ मैं, मैं नदिया हूँ तुम सागर हो
मैं बादल बन इठलाती हूँ, पर तुम तो मेरा आँचल हो
मैं कैसे कहूँ तुमसे ओ पिया, जो बात दबी है दिल में मेरे
ये बात कभी तुम सुन लेना, दिल कहता है कि तुम हो मेरे
कभी झांक के देखो दिल में मेरे, आवाज़ सुनाई देती है
ओ सजना तुम तो मेरे हो, हर रग ये दुहाई देती है
इक बात बताती हूँ तुमको, ये राज़ बहुत ही गहरा है
मैं प्यार तुम्हीं से करती हूँ, इस दिल पर तुम्हारा पहरा है
ये बात दबी थी जो दिल में, वो आज मैं तुमसे कहती हूँ
मैं प्यार तुम्ही से करती थी, मैं प्यार तुम्हीं से करती हूँ
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