ज़िन्दगी तेरा हर रंग हमने देखा है
सुनहरी सुबहें हमने देखी हैं
सांझ का स्याह रंग देखा है
कभी देखा है तुझको फूलों में
खिलते और मुस्कुराते हुए
कभी बनके उफान नदिया की
तुझे देखा है बल खाते हुए
सुबह के रूप में मिली है कभी
कभी करके सिंगार आयी है
कभी तू सांझ की दुल्हन बनके
मेरे संग मिलके मुस्कुरायी है
कभी तू मांग में सिन्दूर भरे
मुख पे सूरज सजा के मिलती है
कभी जुगनू के जैसी जगमग सी
मुझको हर राह पर तू दिखती है
कभी तू ऐसे मुझको मिलती है
किसी मासूम सी हंसी में घुली
जैसे बहार में हो इठलाती
खिलती जाती हुई एक नन्ही कली
फिर तू एक रंग और लाती है
बनके चन्दा सी जगमगाती है
सुरमयी रात के सितारों सी
सांझ के साये में ढल जाती है
तेरा हर रूप है जुदा सबसे
तेरा हर रूप हमने देखा है
जब भी देखा है आईने में
ज़िन्दगी हमने तुझको देखा है
सुनहरी सुबहें हमने देखी हैं
सांझ का स्याह रंग देखा है
कभी देखा है तुझको फूलों में
खिलते और मुस्कुराते हुए
कभी बनके उफान नदिया की
तुझे देखा है बल खाते हुए
सुबह के रूप में मिली है कभी
कभी करके सिंगार आयी है
कभी तू सांझ की दुल्हन बनके
मेरे संग मिलके मुस्कुरायी है
कभी तू मांग में सिन्दूर भरे
मुख पे सूरज सजा के मिलती है
कभी जुगनू के जैसी जगमग सी
मुझको हर राह पर तू दिखती है
कभी तू ऐसे मुझको मिलती है
किसी मासूम सी हंसी में घुली
जैसे बहार में हो इठलाती
खिलती जाती हुई एक नन्ही कली
फिर तू एक रंग और लाती है
बनके चन्दा सी जगमगाती है
सुरमयी रात के सितारों सी
सांझ के साये में ढल जाती है
तेरा हर रूप है जुदा सबसे
तेरा हर रूप हमने देखा है
जब भी देखा है आईने में
ज़िन्दगी हमने तुझको देखा है
6 comments:
Zindegi hamesha bohat khub surat hote hain...baas humlog hi is khub suraat zindegi me narg banate hain aur is narg me ek dusreko yephir kabhi khud hi khudko jalate rehte hain.
good poem, heart touching
Yeah Abir, zindagi bohat khubsurat hoti hai isliye ye aapko chahiye ki isko bana ke rakha jaaye bigaada na jaaye
Thanks a lot
ہت ہی خوبصورت نظم ہے - زندگی کے بدلتے رنگ اور پہلو کی تصویر ہے - ہاں ظاہر ہے کہ آپ کا جھکاؤ رومانی عنوانات پر ہے
Post a Comment